Wednesday, January 20, 2021
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DNS Kya hai – डीएनएस क्या है ?

नमस्कार दोस्तों , आप सभी का मेरे इस ब्लॉग में स्वागत है। आज हम इस आर्टिकल में देखेंगे के DNS क्या होता है ?, DNS का इतिहास kya hai?, DNS कैसे काम करता है ?, Domain name के प्रकार ? और  Sub Domain क्या है ? | 

DNS क्या है?

DNS का full form होता है Domain Name System | यदि आसान शब्दों में बताया जाये तो ” DNS ( Domain Name System ) एक ऐसा सिस्टम है जो की Domain Name  यानी एक नाम को IP address में कन्वर्ट convert करता है ताकि जब वेब ब्राउज़र आये तो यह समझ सके की आप इंटरनेट पर कोनसा वेबपेज या वेबसाइट एक्सेस करना चाहते है ” | इसे आप एक (English to Hindi) Dictionry में एक तरफ english का शब्द लिखा होता है और उसके सामने उसका हिंदी मतलब, ठीक उसकी प्रकार DNS में  Domain name और उसकी IP Address लिखी होती है।

नोट : IP (Internet protocol) Address एक ऐसा अनोखा नंबर होता है जो की प्रत्येक Device जो कंप्यूटर नेटवर्क से जुड़े है उन्हें सोंपा जाता है , जो communication के लिए internet प्रोटोकॉल का उपयोग करता है और यह address हमारे इंटनेट से जुड़े हुए mobile , PC आदि सभी devices का होता है।

 

DNS को Nameserver के नाम से भी जाना जाता है

DNS इसलिए use होता है क्युकी हमें किसी भी नंबर (IP Address) की तुलना में नाम (Domain Name) याद रखना ज्यादा आसान है। अब आप खुद ही देख लीजिये आपके मोबाइल कॉन्टेक्ट्स में कितने सारे नंबर होते है लकिन आप सभी नंबर को नाम से याद रखते है, जिस प्रकार यह नाम याद रखना आसान होता है उसी प्रकार से आप के लिए वेबसाइट का नाम याद रखना आसान होता है , इसलिए जिससे आपको सही IP Address पर पहुंचने में कोई परेशानी न हो इसलिए DNS का प्रयोग किया जाता है।

DNS का इतिहास (History Of DNS in Hindi)

आज से करीब 30-40 साल पहले इंटरनेट का साइज बहुत छोटा था बहुत काम लोग इंटरनेट का उपयोग करते थे क्युकी उस समय लोगो के पास कंप्यूटर या मोबाइल फ़ोन नहीं हुआ करते थे इसलिए वेबसाइट का IP Address याद रखना आसान होता था। लकिन जैसे जैसे इंटरनेट का उपयोग बढ़ता गया लोगो को यह सब याद रखना मुश्किल होने लगा और इसी समस्या को दूर करने के लिए DNS का आविष्कार किया गया।

DNS का आविष्कार 1980 में PAUL Mockapetris नामक computer वैज्ञानिक ने की जिससे की लोगो की IP Address याद रखने की समस्या का हल हो और उन्होंने domain name system का आविष्कार किया जिससे की वेबसाइट को एक इंग्लिश में नाम दे सके, जिसे आज हम Domain Name के नाम से जानते है।

DNS कैसे काम करता है ? How DNS Works in Hindi

जैसे ही आप लोग कोई भी शब्द डालते हो सर्च करने के लिए तो वह

  • सबसे पहले आपके ब्राउज़र की cache memory में DNS record चेक करता है , अगर आपने पहले कभी उस वेबसाइट को विज़िट किया होता है तो यह आपके computer की cache memory में saved होता है और मिल जाता है , अगर नहीं मिलता तो
  • आपका ISP(jio,idea,airtel) Recursive DNS Server को DNS Record की क्वेरी भेजता है, अक्सर क्या होता है Recursive DNS Server की कैश मेमोरी में DNS Record मिल जाता हो और रिकार्ड्स यूजर को भेज दी जाती है , अगर यहाँ भी records नहीं मिलते तो
  • Request Root Nameserver को सेंड करता है
  • Root Nameserver उस Domain Name में से TLD(Top Level Domain) जैसे की .com, .gov, आदि निकाल कर TLD Nameserver को भेज देता है।
  • TLD Name Server पर Domain Name के साथ IP Address मौजूद होते है।
  • आखिर में IP मिलते ही आपके web browser पर भेज दी जाती है फिर उस server पर connect हो कर आपको वेबपेज शो कर देता है। और इस पूरी प्रक्रिया में कुछ मिलीसेकंड ही लगते है।

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